Rin Mochan Mangal Stotra Sanskrit ऋण मोचन मंगल स्तोत्र संस्कृत
Rin Mochan Mangal Stotra Sanskrit ऋण मोचन मंगल स्तोत्र संस्कृत आज के समय में धन हर किसी के लिए जरूरी है छोटे से छोटे और बड़े से बड़े काम के लिए धन की आवश्यकता होती हैं ऐसे में अगर तरह लोग जीवन की सुख सुविधाओं और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक या फिर किसी व्यक्ति से धन उधार ले लेते हैं मगर लिया गया कर्ज चुकाना बहुत ही मुश्किल हो जाता हैं अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए हर व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी कर्ज लेना ही पड़ता है। कई बार व्यक्ति कर्ज को जल्दी चुकाना चाहता है, लेकिन कर्ज का अंत ही नहीं होता है। ऐसे समय में ऋणमोचन हेतु 'ऋण मोचन मंगल' का निरंतर पाठ करने से कर्ज शीघ्र ही चुकता होता है, साथ ही धन पाने के अन्य कई रास्ते भी निकल आते हैं। और धन में वृद्धि भी होती हैं अगर आप भी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो ऋणमोचक मंगल स्तोत्र,इसका रोजाना नियम से पाठ करने पर भक्तों को कर्ज से मुक्ति मिल जाती हैं मङ्गलो भूमि-पुत्रश्च ऋण-हर्ता धन-प्रदः । स्थिरा-सनो महा-कयः सर्व-कर्म-विरोधकः ॥1।। लोहितो लोहिता-क्षश्च साम-गान...