Aditya Hridaya Stotra Sanskrit with Hindi Version आदित्य हृदया स्तोत्र संस्कृत में हिंदी अनुवाद सहित
Aditya Hridaya Stotra Sanskrit with Hindi Version
आदित्य हृदया स्तोत्र संस्कृत में हिंदी अनुवाद सहित
ॐ ह्रां ह्रीँ ह्रौं सः सूर्याय नमः
आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ की विधि-
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और एक तांबे के लोटे में जल लेकर रोली या चंदन और पुष्प डालकर सूर्य को अर्पित करें।
- इस पाठ को यदि शुक्ल पक्ष के किसी रविवार से शुरू किया जाए तो उत्तम रहता है।
- यदि इस पाठ का पूर्ण फल प्राप्त करना चाहते हैं तो नित्य सूर्योदय के समय इसका पाठ करना चाहिए।
- सूर्य को जल देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें या तीन बार "ॐ आदित्याये नमः" मंत्र का जाप करें और वही सूर्यदेव के समक्ष आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
- सबसे पहले विनियोग का जाप करें फिर गायत्री मन्त्र का जाप करना होता है उसके बाद मूल मन्त्र पढ़े जाते हैं
- पाठ समाप्त हो जाने के पश्चात सूर्य देव का ध्यान करते हुए उन्हें नमस्कार करें।
- यदि प्रतिदिन पाठ नहीं कर सकते तो प्रत्येक रविवार को भी कर सकते हैं।
- आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करते हो तो रविवार के दिन मांसाहार, मदिरा तथा तेल का प्रयोग न करें। संभव हो तो रविवार को नमक का सेवन भी न करें।
- अगर तेल शरीर पर लगाना भी पड़े तो सरसों के तेल का इस्तेमाल कतई ना करें। तेल और नमक का प्रयोग इस लिए वर्जित है क्यूँकि यह शनि से सम्बन्ध रखते है शनि और सूर्या आपस में शत्रु हैं
- आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और वह कार्य क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करता है।
- यदि किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी हो तो उसके लिए यह पाठ रामबाण उपाय है।
- इस पाठ को करने से मन का भय दूर होता है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है।
- यदि कोई सरकारी विवाद चल रहा हो तो भी आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना लाभकारी होता है, प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होता है।
- सूर्य को पिता का कारक माना गया है। आदित्य हृदय स्तोत्र पाठ करने से पिता पुत्र के संबंध अच्छे होते हैं।
- विदेश जाने के लिए वीजा मिलने में अगर मुश्किल हो रही है तो लगातार लगभग ४६ दिन इसका नित्या पाठ आपकी इस मुश्किल को आसानी में बदल देगा। हो सके तो दिन में तीन बार इसका पाठ करें।
- सरकारी मुकदमा या किसी तरह का कोई प्रशासन से सम्बंधित मुकदमा चल रहा हो तो उसमे इस पाठ को पढ़ने से निश्चय ही जीत प्राप्त होती है।
जिंदगी में चल रही परेशानियां, बिगड़े काम, रुका हुआ पैसा, मेहनत करने के बावजूद सफलता नहीं मिलने की समस्या से परेशान हैं तो यह स्तोत्र आपको लाभ ही नहीं बल्कि उन्नति भी देगा.
निम्नलिखित तरीके से आप आदित्य हृदया स्तोत्र पढ़ सकते हैं हिंदी अनुवाद साथ साथ लिखा गया है
आदित्य हृदया स्तोत्र
विनियोग
उधर श्रीरामचन्द्रजी युद्ध से थककर चिंता करते हुए रणभूमि में खड़े हुए थे । इतने में रावण भी युद्ध के लिए उनके सामने
उपस्थित हो गया । यह देख भगवान् अगस्त्य मुनि, जो देवताओं के साथ युद्ध देखने के लिए आये थे, श्रीराम के पास जाकर बोले ।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें