Rinharta Ganesh Stotra ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र
Rinharta Ganesh Stotra
ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र
क़र्ज़ वा केतु के उपाए
श्री गणेशायः नमः !!
ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र भगवान् गणेश का एक शक्तिशाली मंत्र है गणेशजी को हम सभी कई प्रकार के नामों से भी जानते हैं उनमे एक नाम है विघ्न्नहर्ता या विघ्ननेश्वर जिसका अर्थ है हमारे सारे दुःख वा बाधाओं को हर लेना।
यह मंत्र वैसे तो रोज़ पढ़ना चाहिए पर अगर संभव ना हो सके तो केवल बुधवार के दिन पढ़ने से भी इसके अच्छे फल मिलने लगते हैं. किसी भी तरह का दुःख या ऋण या क़र्ज़ से सम्बंधित समस्या का ये एक अत्यंत शक्तिशाली मंत्र माना जाता है इसके जाप से केतु को भी शांत किया जाता है
पार्वती जी ने जब मृत्युलोक में मनुष्यों को ऋण व क़र्ज़ के दुःखों से परेशान देखा तो उन्होंने शिव भगवान से इसका उपाए पूछा , तब शिवजी ने पार्वतीजी को ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र के मंत्र के बारे में बताया और कहा की जो भी मनुष्य इस पाठ का जाप करेगा वह सभी प्रकार के ऋणों से मुक्त हो जायेगा।
यह स्तोत्र द्वारा केतु गृह का भी उपाए किया जाता है इस मंत्र के पढ़ने से केतु को भी शांत किया जाता है बुधवार को दूर्वा गणेशजी को गणेश मंदिर में समर्पित करनी चाहिए। अगर हो सके तो अपनी श्रद्धा अनुसार केसर के लड्डू चढाने चाहिए।
यह स्तोत्र शुरू करने ,के लिए आप ऑनलाइन वीडियो या ऑडियो देख या सुन सकते हैं। हो सके तो वही वीडियो या ऑडियो चुनें जिसमें इस मंत्र को बोलना सिखाया जा रहा हो। आप चाहे तो नीचे दिए गए वीडियो को भी देख या सुन सकतें हैं जो लोग पढ़ने में असमर्थ हैं तो उनको यह मंत्र सुनना चाहिए। सुनते-सुनते वह लोग भी इसका पूर्णलाभ लेते हुए इसको कंठस्थ कर पाएंगे।
इस मंत्र का जाप रोज़ एक ,तीन ,पांच या सात बार करना चाहिए। यह मंत्र वैसे तो काफी छोटा सा है पर इसके परिणाम बहुत आश्चर्यचकित करने वालें हैं
इस मंत्र की महिमा अपरम्पार है मात्र चार से पांच मिनट के इस मंत्र के और भी बहुत से फायदे हैं जैसे की अचानक किसी परेशानी का सामना करना पड़ जाये तो इस मंत्र का तुरन्त जाप शुरू कर दे अगर बोल ना पाएं तो मन ही मन इसका स्मरण करना शुरू कर दे। परेशानी या तो ख़त्म हो जाएगी या कम हो जाएगी। परेशानी अगर खत्म ना हो तो तब तक इस मंत्र का जाप करें जब तक वह पूर्ण रूप से खत्म ना हो जाये। अगर किसी वजह से आप इस को घर या ऑफिस में नही पढ़ पा रहे तो जितना हो सके इसको सुनिए और मन ही मन श्री गणेशजी का स्मरण कीजिये।
जैसे जैसे आप इसका जाप करते जायेंगे गणेशजी की कृपा से धनागमन के रास्ते अपने आप खुलते जायेंगे।
जब इस पाठ की शुरुआत करें तो बुधवार के दिन से करें। लाल कपडा बिछाकर और केसरी या लाल कपडा ओढ़ कर यह पाठ करना चाहिए। अगर शिव परिवार का चित्र सामने रख कर इसका जाप करें तो भगवान गणेश अत्यधिक प्रसन्न होते हैं
अपने माता-पिता का अनादर ना करें अन्यथा इसके लाभ से आप वंचित रह जायेंगे।क्यूँकि गणेशजी अपने माता पिता को पूरे ब्रह्माण्ड से भी सर्वोत्तम मानते हैं और वह कभी भी आपको माफ़ नही करेंगे अगर आप अपने माता-पिता का अनादर करते है। ऐसा करने पर वह कुपित या नाराज़ भी हो सकतें हैं।
बुध की राशि कन्या राशि है इसीलिए अपनी बहन, पिता की बहन यानि की बुआ, और आपकी धर्मपत्नी के यहाँ आपकी साली और सास के साथ मधुर सम्बन्ध बना कर रखिये
अपनी बहनो, बुआ या उसके ससुराल वालों का भी कभी अनादर ना करें और हो सके तो उन्हें समय समय पर कुछ उपहार देते रहें। अपनी पत्नी के मायके से भी अच्छे सम्बन्ध बना कर रखिये।
छोटे बच्चों विशेष तौर पर छोटी कन्याओं को प्यार कीजिये और हो सके तो बुधवार को उन्हें कुछ छोटे छोटे खिलौने बांटा कीजिये।
यह पाठ करते समय या उन दिनों में मांसाहार कतई ना करें।
याद रखिये सच्चे दिल से की गयी पूजा के परिणाम हमेशा सुखदायी होते हैं और साथ ही बिना वजह किसी का नुकसान या बुरा ना सोचें।
श्री ऋणहर्तृ गणेश देवतायै नमः
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