एकादश रूद्र मंत्र




रूद्र क्या है? रूद्र कितने प्रकार के हैं? आपका रूद्र कौन सा है? रूद्र क्या करता है या इसका लाभ हानि क्या है? रूद्र शब्द रौद्र से निकला है रूद्र ग्यारह प्रकार के होते हैं किसी भी भाव से उसके आठवां भाव उसका रूद्र है उदाहरण स्वरुप किसी भी लग्न से उसका आठवां भाव उसका रूद्र होगा| रूद्र का काम है आत्मा से शरीर को अलग करना या उस भाव से सम्बंधित चीज़ों या फलों को नष्ट करना जिसका की वह रूद्र बन रहा है| सभी घर रूद्र बनेगे पर केवल एक भाव रूद्र नहीं बनेगा जिसमे बृहस्पति गृह बैठा होगा| यानि किसी भी भाव से अगर आठवें भाव में बृहस्पति गृह बैठा है तो वो उसका रूद्र नहीं बनेगा और वो उस से सम्बंधित चीजों या फलों को नष्ट भी नहीं करेगा| रूद्र का असर तब ज्यादा हो जाता है जब आप की कोई भी महादशा और अन्तर्दशा चल रही हो, अपने ये देखना है की वो किस भाव का रूद्र बन रही हैं ध्यान रहे ये रूद्र उस भाव से सम्बंधित आपको कई तरह की परेशानी लाके दे सकता है आपको उस भाव से सम्बंधित तकलीफ दे सकता है | अगर आप के जीवन में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है तो सर्वोत्तम उपाए है रुद्राभिषेक करना| जो ये ग्यारह रूद्र हैं इनसे सम्बंधित पूजापाठ करना| वैसे तो अगर आप विशेष रूप से केवल उस रूद्र का पाठ या जाप करें जिस की वजह से परेशानी हो रही हो, पर अगर ज्यादा गहराई में न जाकर केवल रुद्राभिषेक करते रहिये या फिर अगर ये संभव न हो पाए तो यह मंत्र " ॐ नमो भगवते रुद्राय " या "ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्" का जाप करते रहें| केवल इस मंत्र के जाप से भी जो महादशा या अन्तर्दशा चल रही है और वो जिसका भी रूद्र बन कर आपको तकलीफ दे रही है उसको शांत कर देता है| आशा है यह जानकारी आप को पसंद आएगी| धन्यवाद

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