Gajendra Moksh stotra learn how to chant and speak गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र को पढ़ना वा उच्चारण करना सीखिए !

Gajendra Moksh stotra learn how to chant and speak


 गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र को पढ़ना  वा उच्चारण  करना सीखिए 


क़र्ज़ मुक्ति  पितृ दोष और राहु केतु  का अचूक उपाए 


ॐ नमोः भगवते वासुदेवायः ! 


गजेंद्र मोक्ष का पाठ एक बहुत चमत्कारिक मंत्र है इसमें गजेंद्र नामक हाथी द्वारा भगवान् श्री हरि विष्णु जी का आह्वाहन किया गया है. हाथी का पैर नदी में पानी पीते  समय ,मगरमच्छ द्वारा पकडे जाने पर हाथी द्वारा पिछले जन्म में कण्ठस्थ किया हुआ मंत्र का स्मरण  करके हाथी द्वारा  श्री हरी को पुकारा गया है  उसकी पुकार सुनकर श्री हरी गरुड़ पर बैठ कर हाथी को बचाने के लिए प्रकट हो गए और उन्होंने उस मगरमच्छ का मुख चीर कर हाथी को उसके चंगुल से मुक्त कर दिया।

 इसके नित्य पाठ से सभी तरह के दुःख व कष्ट हमेशा के लिए ख़त्म  हो जाते हैं इस  मन्त्र के केवल सुनने मात्र से ही  सभी दुःखों का नाश होता है  मुख्य रूप से यह  पाठ क़र्ज़ मुक्ति और पितृ दोष निवारण वा राहु केतु  का अचूक उपाए है।

जब स्वरभानु नाम का राक्षस देवता बनकर अमृत पान करने लगा तो विष्णु भगवान ने सुदर्शन चक्र से उसकी गर्दन अलग कर दिया सिर कहलाया राहु और नीचे का हिस्सा धड़ केतु कहलाया, अमृत के प्रभाव के कारण सर और धड़ अलग- अलग होने के बाद भी अमर हो गए। इसलिए विष्णु पूजा से राहु वा केतु किसी को परेशान नही करते। 

किसी भी मनुष्य के लिए सबसे दुखदायी स्थिति क़र्ज़ का लेना व उसे ना चुका पाना है और किसी के भी जीवन में क़र्ज़ तभी चढ़ता है जब उसकी कुंडली में  पितृ दोष हो और इसीलिए इस मंत्र का जाप पितृ दोष निवारण के लिए भी किया जाता है इसका पाठ लगातार रोज़ सुबह ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः ४:२४ मिनट  से  ५:१२ मिनट  के मध्य करना चाहिए। एक बार याद हो जाने पर इसका पाठ रोज़ एक, तीन , पांच , या सात बार करना चाहिए। मन्त्रों को सही उच्चारण के साथ पढ़ना चाहिए ताकि उसका पूर्ण रूप से फल प्राप्त हो सके।

ऑनलाइन इससे सम्बंधित बहुत सारे वीडियो या ऑडियो मौजूद हैं तो उनकी सहायता ले कर सीखने का प्रयास करना चाहिए। नीचे दिए गए वीडियो या ऑडियो से भी आप मदद ले सकतें हैं सभी मन्त्रों में यह एक मुख्य मन्त्र है जो की श्री हरि विष्णु भगवान को समर्पित किया गया है. जो किसी कारण से ये पढ़ ना पाए तो उनको यह मंत्र सुनना या  सुनाना चाहिए। 

इस मंत्र के  हिंदी अनुवाद पढ़ना भी उतना ही फायदा पहुंचाता है जितना की इस मंत्र को संस्कृत में पढ़ने से पहुँचता है 



  

जब भी आप इस मंत्र को सीखें हमेशा सही उच्चारण वाले वीडियो और ऑडियो से सीखें। और एक बात का अवश्य ख्याल रखे कि जो मंत्र उसमें आप पढ़ें या सुनें या बोलें  वो सरल संस्कृत भाषा में एक पूर्ण शब्द अलग-अलग करके लिखे हों ताकि आप उनको आसानी से आत्म-सात कर सकें।  शुरू में आप जब इस के अभ्यस्त हो जायेंगे तब आप इस मंत्र के मूल लिखे शब्दों का उच्चारण आसानी से करने लग जायेंगे। 

इस मंत्र को आप जितना और अधिक लोगों में साझा करेंगे इसका फायदा उतनी ही रफ़्तार से आप को मिलने लगेगा क्योंकि जिस-जिस को इस का लाभ मिलना शुरू होगा वह अवश्य ही आप के लिए अपनी अच्छी सोच बना लेगा और उसके मन से अपने आप आपके लिए दुआएं निकलेंगी जिसका आपके जीवन पर एक सकारात्मक प्रभाव पडेगा और आप जल्दी ही अपने दुखों से पार पा लेंगे। 

जब इस मंत्र का जाप करें  उन दिनों में  आप  को मांसाहार  छोड़ देना चाहिए। यह मंत्र पढ़ते समय अगर आप पीला वस्त्र धारण करेंगे तो वह शुभ माना जाता है या फिर पीले रंग का कोई कपडा इत्यादि अपने ऊपर डाल लेना चाहिए। 


ॐ नमोः भगवते वासुदेवायः। 

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